मकान मालिक की बेटी को चोदा

मकान मालिक की बेटी को चोदा

sex stories in hindi

हाय दोस्तों, गुड मोर्निंग ! कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | आप सभी लोगो को मेरी ओर से कोटि कोटि प्रणाम | मेरा नाम मधुर है और मैं मझोली का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मैं अभी कुछ भी नही करता हूँ | मैं दिखने में सांवला हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है और मेरा बदन गठीला है | दोस्तों मैं चुदाई की कहानी का दैनिक पाठक हूँ और हर दिन इस साईट में कहानी पढ़ कर अपनी उपस्थिति दर्ज करता हूँ | आज मेरे घर में कोई नहीं है इसलिए आज मुझे टाइम मिला है कि आप लोगो के मनोरंजन के लिए और मैंने सोचा एक कहानी लिखूं | आज जो मैं आप लोगो के लिए कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी और आप लोगो का मनोरंजन भी होगा | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए अपनी कहानी लिखता हूँ |

ये घटना पिछले साल की है | मेरे घर में मैं हूँ और मैं अपने मम्मी पापा के साथ रहता हूँ | मेरा एक बड़ा भाई भी है जो दिल्ली में रह कर जॉब करता है और अभी उसकी शादी नहीं हुई है | मैं बिगड़ा हुआ तो नहीं हूँ लेकिन मेरे मुट्ठ मारने की आदत है | मेरी कई लडकियो से दोस्ती है लेकिन मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है | गर्मी का समय था और गर्मी का समय कटता नहीं है ये बात सभी जानते है खासकर के वो लोग जो मेरी तरह कुछ भी नहीं करते हैं | मेरा समय भी नहीं कट रहा था और मेरे भाई ने मुझे कॉल किया और कहा कि तू मेरे पास आ जा | तेरा टाइम भी कट जायगा यहाँ दिल्ली घूम कर और अगर तेरा काम करने का मन हो तो तू भी यहाँ कुछ महीने के लिए काम कर लेना | मैंने कहा ठीक है | मेरे पापा सरकारी जॉब करते हैं और मम्मी हाउसवाइफ हैं | मेरा भाई अमित उसने मेरा रिजर्वेशन करवा दिया था | उसके बाद जब मैं दिल्ली पंहुचा तो वो मुझे लेने आया और उसके बाद वो अपने रूम ले कर गया जहाँ वो किराए से रहता था | मेरा सामान रखने के बाद उसने कहा कि तू नहा कर फ्रेश हो जा तब तक मैं खाने का इन्तेजाम करता हूँ | मैंने कहा ठीक है और नहाने चले गया | नहा कर सफ़र की जितनी भी थकान थी वो सब दूर हो गई | उसके बाद भाई ने कहा चल अपन बाहर खाना खायेंगे आज | मेरा भाई ऊपर रहता है और मकान मालिक नीचे | जब हम नीचे उतार रहे थे तभी वहां से एक लड़की ऊपर चढ़ रही थी |

मैंने भाई से पूछा कि भाई ये कौन है ? तो उसने बताया कि इसका नाम इशिता है और अभी कॉलेज की पढाई कर रही है | मैंने कहा अच्छा और हम जाने लगे | वो लड़की दिखने में गोरी और सेक्सी फिगर वाली है | फिर हम एक होटल गए और वहां लंच कर के भाई मुझे लाल किला दिखाने ले गया | फिर हम घुमते हुए अपने रूम वापस आ गए | उस दिन भाई की छुट्टी थी तो उसने मुझे टाइम दे दिया लेकिन अगले दिन वो ऑफिस चला गया और मुझे कुछ पैसे दे गया था कि कुछ खा लेना | मेरा टाइम फिर से नहीं कट रहा था तो मैं नीचे आया | तभी मुझे आवाज़ आई सुनो | जब मैंने पलट कर देखा तो वो वही लड़की थी जिसके घर में मेरा भाई किराये से रहता है | मैंने कहा हाँ बोलिए | तो उसने कहा मुझे ये रस्सी बांधना है और वो बहुत ऊंचाई पर है तो क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं ? तो मैंने कहा हाँ जरुर | फिर मैं वो रस्सी बाँधने लगा और जब बंध गई तो मैंने कहा हो गया आपका काम | तो उसने मुझे थैंक यू कहा और पूछा कि वो भैया आपके दोस्त हैं क्या ? तो मैंने कहा नहीं वो मेरा बड़ा भाई है | फिर मैंने पूछा कि आप यहाँ अकेले रहते हैं क्या ? तो उसने कहा नहीं मेरे मम्मी पापा शादी के फंक्शन में गए हैं इसलिए मैं फिलहाल अकेले ही हूँ | कुछ देर हम दोनों कि ऐसे ही नार्मल बात होने लगी | मैंने उससे पूछा कि यहाँ पर खाने की अच्छी जगह कौनसी है ? तो उसने बताया आप परेशान मत हो मैंने खाना बनाया हुआ है अगर आप चाहो तो आप खाना खा सकते हो | मैंने कहा ठीक है और वो फिर अपने घर के हॉल में ले गई और मेरे लिए और खुद के लिए भी खाना ले आई और हम दोनों साथ में बैठ कर खाना खाने लगे | खाना खाने के बाद फिर से हम दोनों में बात होने लगी | शाम तक तो हमारी दोस्ती अच्छी हो गई | फिर मेरा भाई आया और मैंने उसे पूरी बात बताई | फिर हम रात में बाहर फिर से खाने गए और वापस आ कर सो गए | अगले दिन भाई फिर से ऑफिस चला गया | मैंने सोचा कि इशिता तो है इसी से बात कर के अपना टाइमपास कर लेता हूँ | जब मैं उसके घर गया तब वो नहा कर निकली ही थी और उसने बस ऊपर का कुरता ही पहना हुआ था और नीचे से कुछ भी नहीं सिवाए पेंटी के | अब दिल्ली की लड़की है मुझे देख कर चमकेगी थोड़ी | उसने कहा क्या बात है आज सुबह इतनी जल्दी | मैं उसकी बात नहीं सुन पाया और उसकी टांगो को देख रहा था और देखते देखते मेरा लंड खड़ा हो गया | उस समय मैंने लोअर पहना हुआ था जिसमे से मेरा फूला हुआ लंड साफ़ दिखाई पड़ रहा था | उसने शायद ये चीज़ भांप ली और मेरे पास आ कर चुटकी बजाई | तब मुझे होश आया | उसने मुझसे पूछा ऐसे क्या घूर कर देख रहे हो ? तो मैंने भी बिना डरे कह दिया कि मैं तुम्हारी चिकनी टाँगे देख रहा था | उसने मेरी टी-शर्ट पकड़ कर अपनी ओर खींचा और दरवाजा बंद कर दिया | और मेरे होंठ में अपने होंठ रख कर किस करने लगी |

मुझे उसका ये अंदाज़ अच्छा लगा तो मैं भी उसका साथ देते हुए उसे किस करने लगा | वो मेरे होंठ को बड़े प्यार से चूस रही थी और मैं भी उसके होंठ को चूस रहा था | हम दोनों ने करीब 10 मिनट तक किस किया | उसके बाद मैंने उसके कुरते को उतार दिया और ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध को मसलने लगा तो उसके मुँह से आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह  की आवाज़ निकलने लगी | फिर मैंने ब्रा को भी उतार दिया और उसके दोनों दूध को अपने मुँह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए मेरे सिर को सहलाने लगी | मैं उसके दूध को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | उसके बाद उसने मेरे कपड़े उतार कर नंगा कर दिया और मेरे लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी तो मेरे मुँह से भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह की सिस्कारियां निकलने लगी | वो मेरे लंड को चाट कर दोनों गोटो को भी चूस रही थी | फिर वो मेरे लंड को अपने मुँह में डाल कर चूसने लगी तो मैं आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए सिस्कारियां लेने लगा | वो मेरे लंड को जोर जोर से आगे पीछे करते हुए चूस रही थी और मैं भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए उसके मुँह को चोद रहा था | फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा तो वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए मचलने लगी | मैं उसकी चूत को जीभ रगड़ रगड़ कर चाट रहा था और वो आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए मेरे मुँह को अपनी चूत पर दबाने लगी | फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में टिकाया और अन्दर डाल कर चोदने लगा तो वो भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | फिर मैंने अपनी चुदाई की रफ़्तार बढाया और जोर जोर से चोदने लगा तो वो भी आहा ऊनंह ऊम्म्ह आहाआ ऊंह ऊम्मंह अह़ा ऊनंह ऊमंह ऊनंह करते हुए अपनी कमर उठा उठा कर चुदाई में साथ दे रही थी | करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद मैंने अपना माल उसकी चूत के ऊपर ही झड़ा दिया | उसके बाद हम दोनों थोड़ी देर तक वैसे ही लेटे रहे और एक बार और चुदाई की |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *